आरबीआई ने मौद्रिक नीति की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। हालांकि, बढ़ते ऑनलाइन और बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने बड़ा और अहम फैसला किया है। आरबीआई ने एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिसके तहत फ्रॉड ट्रांजेक्शन की स्थिति में ग्राहकों को 25 हजार रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है।
इस कदम का मकसद बैंकों को अधिक जिम्मेदार बनाना और ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करना है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि देश का बैंकिंग और एनबीएफसी सेक्टर इस समय मजबूत स्थिति में है। डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए एक डिस्कशन पेपर भी जारी किया जाएगा। इसमें ट्रांजेक्शन लिमिट तय करने और सीनियर सिटीजन जैसे विशेष वर्ग के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर सुझाव होंगे। मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4 फरवरी को शुरू हुई थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी।
फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूरे साल की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान अभी जारी नहीं किया है। गवर्नर ने कहा कि नई जीडीपी सीरीज आने के बाद अप्रैल की नीति बैठक में यह आंकड़ा साझा किया जाएगा। हालांकि आगामी तिमाहियों के लिए विकास दर के अनुमान बढ़ाए गए हैं। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं दूसरी तिमाही में यह बढ़कर 7.0 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
EDITOR : Shivam Prajapati
