Maharashtra में सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण कानून को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। इस कानून में धर्म परिवर्तन से 60 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य किया गया है और बार-बार उल्लंघन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है।
Asaduddin Owaisi ने इस कानून का विरोध करते हुए कहा कि यह लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता और निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है। वहीं बीजेपी नेता Sanjay Nirupam ने पलटवार करते हुए कहा कि अब डराकर या लालच देकर धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में बहस तेज हो गई है।
