बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म घूसखोर पंडत का टीजर रिलीज होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। फिल्म के टाइटल को लेकर बीते कुछ दिनों से विरोध तेज हो गया था और इसे एक विशेष जाति के खिलाफ बताकर देखा जा रहा था। इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई, जिसके बाद मेकर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स ने बड़ा फैसला लिया है।
फिल्म का टीजर और सभी प्रमोशनल कंटेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया है। आरोप है कि फिल्म के टाइटल में इस्तेमाल किए गए शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़कर एक पूरे समुदाय की छवि खराब करने की कोशिश की गई। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के लेखक और निर्माता नीरज पांडे ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म पूरी तरह एक फिक्शनल कॉप ड्रामा है और इसका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं है। नीरज पांडे ने कहा कि ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक काल्पनिक किरदार के लिए किया गया है।
वहीं अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने साफ किया कि फिल्म एक गलत व्यक्ति और उसके आत्मबोध की यात्रा को दिखाती है, न कि किसी समुदाय पर टिप्पणी करती है। सार्वजनिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने प्रमोशनल सामग्री हटाने का फैसला लिया है। यह कदम इस बात को दर्शाता है कि फिल्म से जुड़े लोग इस विवाद को गंभीरता से ले रहे हैं।
EDITOR : Shivam Prajapati
