दिल्ली ब्लास्ट के एक हफ्ते बाद आतंकी उमर नबी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह आत्मघाती हमलों को सही ठहराते हुए “शहादत अभियान” के रूप में पेश करता नजर आ रहा है। वीडियो में उमर नबी धाराप्रवाह अंग्रेजी में बात कर रहा है और आत्मघाती विस्फोट की अवधारणा को “गलत समझी गई” बताते हुए उसका बचाव करता दिख रहा है।
वीडियो में उमर कहता है कि आत्मघाती हमले को इस्लाम में शहादत अभियान के रूप में जाना जाता है और इस पर कई तरह के तर्क-वितर्क होते रहे हैं। वह आगे कहता है कि “शहादत अभियान” उसी स्थिति में होता है जब व्यक्ति यह स्वीकार कर लेता है कि उसकी मौत एक निश्चित समय और स्थान पर होनी तय है। उसने यह भी कहा कि कोई भी यह नहीं जानता कि उसकी मृत्यु कब या कहां होगी और यह तय होना उसकी नियति पर निर्भर करता है। वीडियो में वह यह कहते हुए भी सुना जा सकता है—“मौत से मत डरो।”
वीडियो में उमर शांत स्वर में बोल रहा है और उसकी बातें यह संकेत देती हैं कि वह कट्टरपंथी विचारों से गहराई से प्रभावित हो चुका था। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि दिल्ली कार विस्फोट की योजना पहले से बनाई गई थी और यह संभावना कमजोर पड़ती है कि ब्लास्ट गलती से या विस्फोटक सामग्री ले जाते समय हुआ हो।
उधर, जांच में शाहीन से जुड़े एक और पहलू का खुलासा हुआ है। एजेंसियों द्वारा बरामद उसके व्हाट्सऐप चैट से पता चला है कि वह मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को मानव बम बनाने की कोशिश में थी।
REPORTER: CHETNA RAJA
EDITOR: SHIVAM PRAJAPATI
