दिल्ली में लाल किले के सामने एक कार ब्लास्ट की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है। धमाके में आई20 कार आग की लपटों में घिर गई, जबकि मौके से 9mm कैलिबर के तीन कारतूस बरामद हुए, जिनमें दो जिंदा और एक खाली खोखा शामिल था। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से कोई पिस्टल नहीं मिली। पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों के हथियारों की जांच की, लेकिन किसी का कारतूस गायब नहीं पाया गया।
सीसीटीवी फुटेज में घायलों को ई-रिक्शा और रेहड़ी से अस्पताल ले जाते देखा गया, जबकि पीछे कार जलती दिखाई दी। जांच में पता चला कि धमाके में इस्तेमाल आई20 कार जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी उमर की थी। दिल्ली पुलिस ने 43 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पाया कि 29-30 अक्टूबर को यह कार फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में खड़ी थी।
जांच रिकॉर्ड बताते हैं कि उमर का साथी मुजम्मिल 28 अक्टूबर को पकड़ा जा चुका था, लेकिन कार यूनिवर्सिटी में 30 अक्टूबर को देखी गई। उमर 9 नवंबर को पहली बार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दिखा और 10 नवंबर को सुबह कार लाल किले पहुंची, जहां धमाका हुआ। इस मामले ने जांच एजेंसियों के लिए कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
REPORTER: DIVYA MEHTA
EDITOR: SHIVAM PRAJAPATI
