महाराष्ट्र के पुणे में कथित जमीन घोटाले को लेकर सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को जमीन देने में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। उनका कहना था कि यह जमीन 1,800 करोड़ रुपये के मूल्य की है, लेकिन केवल 300 करोड़ रुपये में बेच दी गई।
वडेट्टीवार ने कहा कि इस जमीन का टाइटल क्लियर नहीं था और मूल मालिक के नाम से ट्रांसफर करने के आदेश 2020 तक दिए गए। उन्होंने मांग की कि पार्थ पवार और उनकी कंपनी के खिलाफ 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए और इस लेन-देन की जांच कराई जाए। उनका कहना था कि इस जमीन को पुराने मालिक को लौटाया जाना चाहिए और घोटाले में शामिल सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में वडेट्टीवार ने कहा कि उद्योग निदेशालय ने आईटी पार्क और डेटा सेंटर के लिए जमीन देने का आदेश कुछ ही घंटों में दे दिया और 21 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी माफ कर दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस मामले पर कार्रवाई करेंगे या इसे नजरअंदाज करेंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पूरी जानकारी मंगवाई है और रेवेन्यू तथा लैंड रिकॉर्ड विभाग से जाँच करवाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
REPORTER: DIVYA MEHTA
EDITOR: SHIVAM PRAJAPATI
