बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर सियासी टकराव शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस प्रक्रिया का विरोध कर रही है, जबकि बीजेपी इसका समर्थन कर रही है। TMC ने SIR को केंद्र सरकार की साजिश बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता के रेड रोड पर हजारों कार्यकर्ताओं के साथ करीब चार किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। उनके हाथ में संविधान की प्रति थी, और उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र के इशारे पर काम कर रहा है। टीएमसी समर्थकों ने नारे लगाते हुए SIR को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया।
मार्च के बाद ममता बनर्जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी की मिलीभगत से मतदाता सूची में धांधली की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भी वैध मतदाता का नाम हटाया गया तो वे दिल्ली जाकर आंदोलन करेंगी। ममता ने कहा कि लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई जारी रहेगी और लोगों से अपील की कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहें।
