मुंबई के वडाला में मोनो रेल के नए डिब्बों की टेस्टिंग के दौरान बुधवार, 5 नवंबर को एक बार फिर तकनीकी खराबी आ गई। ट्रायल रन के दौरान आई इस गड़बड़ी के कारण मोनो रेल को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा। इस हादसे में ट्रेन का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि मरम्मत कार्य में शामिल टीम के एक सदस्य को हल्की चोट आई है।
मोनो रेल अधिकारियों के मुताबिक यह घटना नियमित परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा थी, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि ट्रेन का हिस्सा क्षतिग्रस्त कैसे हुआ और कर्मचारी घायल कैसे हो गया। फिलहाल मोनो रेल प्रबंधन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। घटना के समय मोनो रेल में कोई यात्री मौजूद नहीं था, केवल मेंटेनेंस टीम के सदस्य ही ट्रायल रन में शामिल थे।
गौरतलब है कि सितंबर में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब चलती मोनो रेल अचानक बंद हो गई थी। उस समय सुरक्षा कारणों से 20 सितंबर से मोनो रेल सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थीं। इसके बाद से ही सिस्टम अपग्रेड और मरम्मत का कार्य जारी है।
वडाला में हुई यह ताजा घटना एक बार फिर मुंबई मोनो रेल की तकनीकी विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। मुंबई मोनो रेल, जो देश की पहली मोनो रेल सेवा मानी जाती है, फरवरी 2014 में शुरू हुई थी और इसका संचालन मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाता है।
करीब 19.5 किलोमीटर लंबा यह रूट चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक तक फैला है, जिसमें वडाला, दादर और महालक्ष्मी जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। लगभग ₹3,000 करोड़ की लागत से बनी इस परियोजना का उद्देश्य मुंबई के ट्रैफिक का दबाव कम करना था, लेकिन लगातार आ रही तकनीकी खराबियों के चलते इसकी विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं।
