महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (MVA) और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। शनिवार (1 नवंबर) को मुंबई में प्रस्तावित ‘सत्य मार्च’ को लेकर माहौल गरमा गया है। मुंबई पुलिस ने इस रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जो चुनाव आयोग के खिलाफ निकाली जानी थी। विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहता था। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा और ट्रैफिक की वजह से मार्च की इजाजत नहीं दी जा सकती। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति मार्च निकाला गया तो कानूनी कार्रवाई होगी। सूत्रों के मुताबिक, बड़ी भीड़ और संभावित ट्रैफिक जाम को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से अलर्ट थीं। इस रैली का नेतृत्व उद्धव ठाकरे, शरद पवार और राज ठाकरे करने वाले थे। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में करीब एक करोड़ फर्जी या दोहराए गए नाम शामिल हैं। एमवीए का कहना है कि इस गड़बड़ी को दूर किए बिना स्थानीय निकाय चुनाव कराना लोकतंत्र के खिलाफ है। पुलिस की सख्ती और विपक्ष की जिद के बीच अब टकराव और बढ़ने के आसार हैं। विपक्ष ने साफ किया है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए वह पीछे नहीं हटेगा। वहीं, प्रशासन ने स्थिति पर सख्त नजर रखने और किसी भी अवैध गतिविधि पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब यह देखना होगा कि क्या विपक्ष अपनी रैली पर अड़ा रहता है या सरकार के फैसले के आगे झुकता है।
महाराष्ट्र में ‘सत्य मार्च’ पर बवाल, मुंबई पुलिस ने नहीं दी अनुमति
