बिहार के मोकामा में जन सुराज समर्थक और पूर्व आरजेडी नेता दुलारचंद यादव हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल ने खुलासा किया है कि उनकी मौत गोली लगने से नहीं हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद यादव को पैर के एंकल के पास गोली लगी थी जो आर-पार निकल गई थी, जिससे मौत संभव नहीं थी। डॉक्टरों का कहना है कि उनके शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं और मौत फेफड़ा फटने तथा पसलियां टूटने से हुई है। तीन डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट सरकार को भेज दी है और फाइनल रिपोर्ट आज जारी हो सकती है। डॉक्टरों के इस बयान के बाद पुलिस की जांच की दिशा बदल गई है। सवाल उठ रहा है कि अगर गोली से मौत नहीं हुई तो उनकी हत्या कैसे की गई। इस मामले में चुनाव आयोग ने भी DGP से रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि हत्या के मामले में बाहुबली और जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज है। हालांकि, पुलिस ने अब तक उनसे पूछताछ नहीं की है। मोकामा में 1990 के बाद एक बार फिर दो बाहुबली नेताओं अनंत सिंह और सूरजभान सिंह के बीच चुनावी टक्कर है। दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर को उस वक्त हुई थी जब वे जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। फायरिंग के दौरान हुई इस वारदात ने पूरे बिहार में सियासी भूचाल ला दिया है।
बिहार मोकामा दुलारचंद यादव हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा
