उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक मदरसे द्वारा छात्राओं से ‘वर्जिनिटी सर्टिफिकेट’ मांगने के मामले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना के बाद महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने सभी मदरसों और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की जांच के आदेश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने इसे शर्मनाक बताया और कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। टीमों में बाल कल्याण विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे ताकि छात्रों से सीधे बातचीत की जा सके। यदि किसी संस्था में इस तरह का कृत्य पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्यारे खान ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आयोग बच्चों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस कदम का सामाजिक संगठनों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। जल्द ही पूरे महाराष्ट्र में व्यापक जांच अभियान शुरू होगा।
महाराष्ट्र में मदरसों की जांच के आदेश, ‘वर्जिनिटी सर्टिफिकेट’ विवाद के बाद सख्ती
