अफगानिस्तान अब भारत की राह पर चल दिया है। दरअसल देश ने कुनार नदी पर बांध बनाने की योजना बनाई है। जानकार इस कदम को भारत के सिंधु जल समझौते को रद्द करने के फैसले जैसा ही बता रहे हैं। सत्ताधारी तालिबान के कार्यवाहक जल मंत्री ने ‘एक्स’ पर बताया कि यह आदेश उनके सर्वोच्च नेता मौलवी हिबतुल्लाह अखुंदजादा की ओर से आया है। मंत्री मुल्ला अब्दुल लतीफ मंसूर ने अपनी पोस्ट में कहा कि “अफगानों को अपने पानी के प्रबंधन का अधिकार है” और निर्माण विदेशी के बजाय घरेलू कंपनियों द्वारा किया जाएगा। मालूम हो कि इसी महीने अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा—पर हिंसा से दोनों देशों के बीच तनाव रहा है।
भारत की तरह अफगानिस्तान का PAK पर वाटर स्ट्राइक… बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा पाकिस्तान
