बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है, जब जदयू उम्मीदवार और बाहुबली छवि वाले नेता अनंत सिंह को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड से जुड़ी है, जिसने पूरे राज्य का ध्यान इस सीट पर केंद्रित कर दिया है। पुलिस ने अनंत सिंह को बाढ़ इलाके के कारगिल मार्केट से पकड़ा, उनके दो सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया। पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि जांच में अनंत सिंह की मौके पर मौजूदगी पाई गई, जिसके बाद उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दुलारचंद यादव की मौत गोली से नहीं बल्कि गंभीर चोटों से हुई। इससे यह संभावना बढ़ गई कि उन्हें किसी वाहन से कुचला गया या साजिश के तहत हमला किया गया। घटना के बाद चुनाव आयोग ने तुरंत प्रशासनिक बदलाव किए, बाढ़ के एसडीओ चंदन कुमार को हटाकर आशीष कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई। कई पुलिस अधिकारियों का तबादला और कुछ को निलंबित किया गया। पूरे जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि माहौल शांत रहे। अनंत सिंह ने गिरफ्तारी से पहले इसे राजनीतिक साजिश बताया था, लेकिन पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। इस गिरफ्तारी से मोकामा सीट पर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। राज्य में पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को तय है।
अनंत सिंह गिरफ्तारी से मोकामा में सियासी हलचल
