भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने आज हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स स्टेशन से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी। राष्ट्रपति मुर्मू के साथ यह उड़ान ग्रुप कैप्टन अमित गहानी ने संचालित की, जबकि दूसरे राफेल विमान में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भी sortie की। करीब 30 से 35 मिनट तक चली इस उड़ान से पहले राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह उड़ान भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमताओं और महिला नेतृत्व के प्रतीकात्मक सशक्तिकरण को दर्शाती है। गौरतलब है कि मुर्मू ने 2023 में तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अंबाला एयरबेस भारतीय वायुसेना के सबसे अहम ठिकानों में से एक है, जहां राफेल विमानों की 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ तैनात है। फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल को 2020 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। भारत ने हाल ही में 7 मई को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी राफेल विमानों का इस्तेमाल किया था। यह ऑपरेशन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए किया गया। इस अभियान के बाद चार दिन तक सीमा पर झड़पें जारी रहीं। राष्ट्रपति की यह sortie न सिर्फ गौरव का क्षण है, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा नीति की झलक भी प्रस्तुत करती है।
ऑपरेशन सिंदूर में जिस राफेल से भारत ने पाकिस्तान को धो डाला था, उसी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भरी उड़ान
**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Oct. 29, 2025, President Droupadi Murmu poses for pictures before she takes a sortie in Rafale fighter jet, at Air Force Station in Haryana's Ambala. (Rashtrapati Bhavan via PTI Photo)(PTI10_29_2025_000109B)
