बिहार के सहरसा जिले में शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब अमृतसर से सहरसा जा रही जनसेवा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14618) की एक बोगी में अचानक आग लग गई। यह घटना सोनवर्षा कचहरी रेलवे स्टेशन के पास उस समय हुई जब ट्रेन सामान्य गति से चल रही थी। यात्रियों ने धुआं और आग की लपटें देख अफरा-तफरी मचा दी, मगर चालक ने समझदारी दिखाते हुए ट्रेन को तुरंत रोक दिया। रेल कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासन की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद सभी बोगियों की जांच की गई और यात्रियों को सुरक्षित सहरसा स्टेशन पहुंचाया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। हालांकि, कुछ यात्रियों ने दावा किया कि आग मोबाइल ब्लास्ट से लगी थी। एक यात्री ने बताया कि फोन फटने के बाद आग तेजी से फैल गई और कई लोग झुलस गए। इस हादसे ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने मांग की है कि ट्रेनों में आग बुझाने के उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। रेलवे ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
मुंबई में आगामी बीएमसी चुनाव से पहले बीजेपी ने नया राजनीतिक अभियान शुरू किया है, जिसने सियासी हलचल तेज कर दी है। पार्टी ने घर-घर “मिठाई और नमकीन के पैकेट” बांटने की शुरुआत की है, जिन पर “एक हैं तो सेफ है” और “बटेंगे तो कटेंगे” जैसे स्लोगन लिखे हैं। यह अभियान तुलसी विवाह तक चलेगा। विपक्ष ने इसे चुनावी शगुफा बताते हुए बीजेपी पर मतदाताओं को भड़काने और प्रभावित करने का आरोप लगाया है। शिवसेना (यूबीटी) ने चुनाव आयोग में शिकायत की बात कही, जबकि कांग्रेस ने इसे विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की चाल बताया। वहीं बीजेपी का कहना है कि यह कोई चुनावी प्रचार नहीं, बल्कि दिवाली और तुलसी विवाह के मौके पर सामाजिक जुड़ाव का अभियान है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस अभियान के जरिए बीजेपी बहुसंख्यक वोटों के एकीकरण और “ग्राउंड कनेक्ट स्ट्रैटेजी” को मजबूत करने की कोशिश में है।
