सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पारदर्शिता और नियमों के उल्लंघन के आरोप

    सुप्रीम कोर्ट में दायर एक नई रिट याचिका के बाद महाराष्ट्र में कोल्हापुर हाई कोर्ट की प्रस्तावित सर्किट बेंच को लेकर विवाद गहरा गया है। 1 अगस्त 2025 की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसमें कोल्हापुर को बॉम्बे हाई कोर्ट का अतिरिक्त स्थान घोषित किया गया था और 18 अगस्त से यहाँ खंडपीठ के बैठने का फैसला किया गया था।

    याचिकाकर्ता का कहना है कि यह निर्णय पारदर्शिता की कमी, न्यायिक मिसालों के उल्लंघन और जसवंत सिंह आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों के गैर-अनुपालन से भरा हुआ है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति ने गोवा टाइगर रिज़र्व मामले में अपनी रिपोर्ट पेश की है। समिति ने सुझाव दिया है कि काली टाइगर रिज़र्व के कोर से सटे वे संरक्षित वन क्षेत्र जहाँ आबादी कम है, उन्हें गोवा टाइगर रिज़र्व के पहले चरण में शामिल किया जाए। लेकिन दक्षिणी गोवा के महादेई और भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्यों के बड़े हिस्से को इस चरण में शामिल न करने की सिफारिश की गई है।

    यह मामला NGO गोवा फाउंडेशन की ओर से हाई कोर्ट में दायर याचिका के बाद उठा, जिसमें कहा गया था कि सरकार को इन इलाकों को टाइगर रिज़र्व घोषित करना चाहिए। राज्य सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हुई है। अब समिति की रिपोर्ट ने इस पर्यावरणीय और प्रशासनिक विवाद को और जटिल बना दिया है।

    REPORTER : SANA SHAIKH

    EDITOR : SANA SHAIKH

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