राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे होने पर मुंबई में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि RSS केवल समाज को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ सरकार नहीं चलाता। भागवत ने कहा कि संघ प्रमुख कोई भी बन सकता है, बशर्ते वह हिंदू हो।
उन्होंने भारतीय भाषाओं के उपयोग पर जोर दिया। अंग्रेजी को आवश्यकता पड़ने पर ही इस्तेमाल करने की बात कही। उन्होंने जाति आधारित भेदभाव को खारिज किया। संघ के विचारों को सामाजिक एकता से जोड़ा।
